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मिडल क्लास आदमी
 एक भिखारी था ऐसा
बुढ़ापा
बचा सको तो बचा लो
हारिये न हिम्मत तब तक
नेताओं को कोसने से अच्छा हम मिलकर कुछ शुरआत करें ।
ये उन्नति है या तमाशा