प्रिय पाठकों, आपको यह जानकर अति प्रसन्नता होगी कि साहित्यपीडिया जो कि काव्य का विकिपीडिया है, उनकी टीम द्वारा हमारे काव्य को…
ये काव्य रचना आज कल के मध्यम वर्गीय परिवार के आदमी के बारे में है कि वह आज के समय में जब किसी भी मामले में खुद को बेब्स पाता है तो क्या अपने मनोभावों…
अर्ज किया है खुश करता हूँ खुशी से उनको जिनको खुश करना बस में लगता है हो जाता हूँ बदनाम अक्सर उनकी नज़रों में जिन्हें मुझे समझना मुश्किल लगता है।
एक भिखारी था ऐसा दिखता वर्षों से थके जैसा चेहरे पर मेहनत का नूर था फिर भी क्यों बेबसी से चूर था शायद वो किसी बाप का बेटा था जो शायद उम्मीदों से हार…
कविताएँ