तलाश में हूँ बीते लम्हें संजोने को जो तजुर्बे देकर चेहरे का नूर ले गये |
हारिये न हिम्मत तब तक , जब तक हड्डियों में जान बाकी है |
दर्द दिल में जितना गहरा हो , कंधे उतने मजबूत हो जाते हैं |
खूब कहा किसी ने , लालच , शंका और डर इन्सान की प्रगति में सबसे बड़े बाधक हैं |
क्या खूब कहा किसी ने - खेल है बाकि अभी , मैं अभी हारा नहीं |
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Monday, 16 July 2018

किसी बड़े काम को

किसी बड़े काम को ये समझ कर मत कीजिये कि काम की वजह से आपको इज्जत मिले बल्कि छोटे से छोटे काम को इतने अच्छे ढंग से कीजिये की आपकी वजह से काम को इज्जत मिले |कृष्ण मलिक अम्बाला 



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