मोमबत्तियाँ जलाने से नहीं होगा परिवर्तन


 मोम बत्तियां जलाने से नहीं होगा परिवर्तन

खुद का विवेक जगाना होगा

सही गलत की परख करके ही

आईना जग को दिखाना होगा

मोमबत्ती की लौ प्रद्युम्न को नहीं ला पाएगी

लेकिन विवेक की खुशबू भविष्य में सुरक्षा चमकाएगी


पहले पढ़ना पढ़ाना ही था नारा केवल

अब सुरक्षा को भी बढाना होगा

फिर कोई नन्हा छीन जाए

ऐसा माहौल बनाना होगा


टी वी से बनवाएं दूरी बच्चों की भी

आने वाली पीढ़ी को बचाना है

दुराचार कामुकता में फंसने वाली वो भी

ये एहसास भी कराना है


दूसरी बीमारी मोबाइल और इंटरनेट

नग्नता और फैशन का प्याला है

सुनता नहीं कोई युवा अब तो

हर ओर वासना का बोलबाला है


दिल से जुड़ते हैं अध्यापक सरकारी

ये अब तो लोग ऊँचे जान गए

बेशक खोया एक नन्हा उन्होंने

महत्त्व सरकारी का मान गए


निजी स्कूलों में बस पैसा ही पैसा

सरकारी में नहीं पैसे की भूख

उठो जागो दुनिया वालों

पहुंचा दो मेरे लफ्जों की गूंज


कोई प्रद्युम्न नहीं है छीना जाए

ऐसा प्रबन्ध करवाना है

2 टी बी के साथ लगे कैमरे

सरकार तक सन्देश पहुँचाना है


सुंदर स्वच्छ भारत का सपना मोदी का

सच वास्तव में कर दिखाना होगा

विद्यालयों में ले सके निडरता से शिक्षा

छात्रों को एहसास कराना होगा


मोमबत्तियाँ जलाने से नहीं होगा परिवर्तन

खुद का विवेक जगाना होगा

सही गलत की परख करके ही

आईना जग को दिखाना होगा

Post a Comment

0 Comments