तलाश में हूँ बीते लम्हें संजोने को जो तजुर्बे देकर चेहरे का नूर ले गये |
हारिये न हिम्मत तब तक , जब तक हड्डियों में जान बाकी है |
दर्द दिल में जितना गहरा हो , कंधे उतने मजबूत हो जाते हैं |
खूब कहा किसी ने , लालच , शंका और डर इन्सान की प्रगति में सबसे बड़े बाधक हैं |
क्या खूब कहा किसी ने - खेल है बाकि अभी , मैं अभी हारा नहीं |
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Friday, 29 June 2018

तू कर ए किस्मत (शायरी)

तू कर ए किस्मत मुझ पर कितनी अंगारों की बौछार।
जिद मेरी भी बना दूंगा इसे फूलों का त्यौहार ।
जिद मुश्किलों की है अगर मुझे हराने की ।
तो जिद मेरी भी है उन पर कामयाबी पाने की ।
हर पल हर सांस संघर्ष की कहानी रचूंगा ।
कभी न कभी तो जीत के मैदान में सजूंगा ।
हर पल है मुकाबला मेरा तुझसे ए किस्मत ।
तू अगर जीतने न दे , तो हार मैं भी मानू नहीं ।

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