टैलन्टिड बनिए सफलता जरूर मिलेगी


 
सबसे पहले तो आपको सक्सेस यानि सफलता का मतलब समझना होगा मेरी नज़रों में सफलता का अभिप्राय एक घर, गाड़ी, परिवार, सुरक्षित नौकरी आदि नहीं है  इसके लिए आपको ये समझना होगा हमें क्या उस दिशा में मन शांत और संतुष्ट दिखाई दे रहा है जिस दिशा में हम वर्तमान प्रफेशन में हैं यदि हम अध्यापक हैं तो क्या वास्तव में ही हम अध्यापक ही बनना चाहते थे या काफी जगह तलाश करने के बाद फालतू की भागम भाग से बचने के लिए काफी ग्रैजूइट ये कहते हैं येस आइ कैन टीच। 

लेकिन अध्यापन यानि टीचिंग इतना आसान कार्य नहीं है इसके लिए भी इन्नोवेटिव होना बहुत जरूरी है उसके लिए आपका खुद का भी क्यों और कैसे स्पष्ट होना बेहद ही जरूरी है तभी आप पढ़ने वाले विद्यार्थी की शंका का समाधान कर सकते हैं और सक्सेस को केवल और केवल सरकारी अध्यापक एवं क्लर्क आदि की नौकरी से मत आँकिए क्योंकि उसके अलावा भी हजारों ऐसे क्षेत्र हैं जहां आप अपनी प्रतिभा दिखाकर अपने भविष्य में चार चाँद लगा सकते हैं उसके लिए आपको अपना इन्टरेस्ट को सही समय पर पहचानना होगा और उस पर निरंतर अभ्यास करना होगा उदाहरण के लिए यदि आपको गाना अच्छा लगता है तो आपको जब से ये एहसास हो तभी से इसके अभ्यास में लग जाना चाहिए ।  

उदाहरण के लिए यदि आपको लगता भी है कि आप अध्यापन के लिए बनें हैं तो उसके लिए भी आपको अध्यापन से संबंधी बाल मनोविज्ञान पर कार्य करना पड़ेगा और अधिक से अधिक बच्चों से मेल झोल बढ़ाना पड़ेगा। तकनीक से कैसे पढ़ाएं ये सीखना पड़ेगा और आज की जरूरत आर्टफिशल इंटेलिजेंस को सीखना पड़ेगा कि कैसे इसका बेहतर उपयोग किया जा सकता है और इस को सिर्फ सहायक के रूप से कैसे उपयोग किया जा सकता है, इसके गुलाम भी नहीं बनना है और इसको साथ लेकर भी चलना हैक्योंकि ये सौ प्रतिशत सही होगा ये जरूरी नहीं है। 


अपने पड़ोस में बच्चों को पढ़ाने का प्रयास करें और आज के अध्यापक जो पहले से पढ़ा रहे हैं उनसे मिलने अलग-अलग विद्यालयों में  जाएँ ये सेवा आपको सरकारी विद्यालयों में आसानी से मिल जाएगी वहाँ के सिस्टम को समझें। 

आज के युवा यदि अध्यापन में आने से पहले पढ़ते पढ़ते या नौकरी लगने से पहले के खाली समय को इस तरह से स्कूल में लगाते हैं तो आप समझ लीजिए इससे उन्हें पुराने अध्यापकों के अनुभव का, शिक्षा के क्षेत्र में चल रही समस्याओं का और आप अपने स्तर पर इसका सुधार कैसे कर सकते हैं उसका पहले से पता चल जाएगा। 

यदि आपका मन बैंकिंग क्षेत्र में जाने में है तो आप बैंकिंग कि तैयारी करें और साथ में कोई प्राइवेट बैंक जॉइन कर लें जिससे आपको बैंक के काम-काज का पहले से ज्ञान हो जाएगा। वहाँ ग्राहकों से व्यवहार कैसे करना है और डील को कैसे फाइनल करना है ये आप छोटे स्तर के बैंक में आसानी से जॉब करके सीख सकते हैं। कुछ साल बैंक की तैयारी करूंगा या करूंगी फिर कुछ न बना तो टीचर बन जाऊँगी ये विचार गलत है, अध्यापन कोई कुछ न बने  तो ये बन जाए ऐसा नहीं है ये सबसे बड़ी जिम्मेदारी है पिछले दो दशकों से ईसे गंभीरता से लिया नहीं गया नतीजा देखो बेरोजगारों कि लंबी फौज तैयार है और एक ऐसा तबका बढ़ चुका है जो मेहनत कुछ नहीं करना चाहता और छोटे काम से शुरुआत करना नहीं चाहता और नतीजा सरकारों को कोसने में अपना वक्त बर्बाद करता है।  तो आप  उस तबके में न ही जाएँ तो बेहतर रहेगा राजनीति में सक्रियता से रुचि लेने का मतलब यह कदापि नहीं है कि आप दिन रात सरकारों को कोसते रहें। 

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