लाखों हों फूल बगिया में

 



अर्ज किया है 

लाखो हों फूल बगिया में ,

उसका एक माली ही काफी है |

बिलख कर दर्द न जाता हो जालिम,

आँखों में आई लाली ही काफी है |

न मिले तारीफ अगर तुम्हारे किसी काम से,

तुम्हें गिराकर खड़ा करती गाली ही काफी है |

खिल जाता है रौनक से चेहरा हर उस कलाकार का,

प्यार से मिली बस एक ताली ही काफी है | 

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