मेरी तन्हाईयो का सूरज
कभी चढ़ता तो कभी डूबा जाता है
क्योंकि जिस पत्थर को लगती हैं अक्सर चोटें हजारों
उसे ही तो भगवान के दर्जे में पूजा जाता है
माँ से है गुजारिश/एक संदेश माँ के नाम /MAA POETRY
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